Late Shri Ashok Shithole (Kavishas)
गुरु प्रेरणा से गुरु चरणों में, गुरु चरणों में प्रीत सदा सुखदाई |
मन में खुशियाँ और शांति सब ने ही पाई,
गुरु कृपा जब होती है किसी प्राणी पर
टेढ़ा बिगड़ा काम भी सीधा बन जाई
जग में कीर्ति बड़े उसकी ना होत हसाई
गुरु चरणों में प्रीत सदा सुखदायी |
गुरु उपदेश दिव्य ज्ञान मन ह्रदय बसाई
तो कर्मों दृढंता, शुभता, तेजस्विता आयी
तुच्छ विचार तजे तो, गुरु भक्ति खूब समाई
गुरु चरणों में प्रीत सदा सुखदायी |
जीव जगत में क्यों रूप मिला मानव का
क्यों कर्मों में सय्यम हो, क्यों बोलें शुभ वाणी
ज्ञान जान, अंजान बनो ना, गुरु बात समझ आयी
गुरु चरणों में प्रीत सदा सुखदायी |
गुरु आशीष दुविधा टले, सच्ची राह दिखा दें
कर्म हो निष्काम भाव, खुशियां सब घर में आयीं
गुरु चरणों में प्रीत सदा सुखदायी |
मत झगड़ो स्नेही प्रिय, जान मानस से
सबमें दिव्य आत्म तत्व का ज्ञान तुम ही जगाओ
गुरु वचन सदा सुख देते, क्या सब को बात बताई
गुरु चरणों में प्रीत सदा सुखदायी |
समय बीता जाये जग में, कुछ तो पुण्य कमाओ
अच्छे कर्म करो प्राणी तुम, राम कृष्ण भजते जाओ
गुरु कृपा ‘कविशस’ पर अनुपम, चरणों में प्रीत बसाई
गुरु चरणों में प्रीत सदा सुखदायी |
बनने कृपा पात्र अशोक “कविशस” गुरु चरणों में प्रीत सदा सुखदाई |